हमारा पोर्टल विशेष रूप से SSC, High Court, Railway और अन्य सरकारी परीक्षाओं के लिए बनाया गया है। यहाँ आपको हिंदी और अंग्रेजी के लेटेस्ट एग्जाम पैटर्न पर आधारित प्रैक्टिस सेट्स मिलेंगे, जो आपकी स्पीड और सटीकता को प्रोफेशनल लेवल पर ले जाएंगे।
टच टाइपिंग वह कला है जिसमें आप कीबोर्ड को देखे बिना अपनी सभी दस उंगलियों का उपयोग करके टाइप करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आंखों और हाथों के बीच एक ऐसा तालमेल बिठाना है जहाँ आपका दिमाग सीधे शब्दों को टाइप करने का आदेश दे और उंगलियां बिना सोचे सही बटन पर पहुँच जाएँ। जब आप नीचे देखना बंद कर देते हैं, तो टाइपिंग की गति प्राकृतिक रूप से दोगुनी हो जाती है।
सटीकता ही गति की जननी है। यदि आपकी सटीकता 98% से कम है, तो गलतियों को सुधारने में लगने वाला समय आपकी वास्तविक नेट स्पीड को काफी कम कर देगा। एक प्रोफेशनल टाइपिस्ट हमेशा धीरे टाइप करने से शुरुआत करता है ताकि उसकी उंगलियां सही बटन दबाने की आदत डालें। जब आप बिना किसी गलती के टाइप करना सीख जाते हैं, तो गति अपने आप बढ़ने लगती है।
सही बैठने का तरीका न केवल आपकी टाइपिंग क्षमता को बढ़ाता है बल्कि आपको बिना किसी शारीरिक कष्ट के घंटों अभ्यास करने में सक्षम बनाता है। अपनी पीठ को बिल्कुल सीधा रखें और मॉनिटर को अपनी आंखों के स्तर पर सेट करें। आपकी कोहनियां कीबोर्ड के समांतर 90 डिग्री के कोण पर होनी चाहिए। सही पोस्चर लंबे समय तक प्रैक्टिस करने के लिए अनिवार्य है।
आज के समय में सरकारी नौकरियों में सफलता के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों टाइपिंग में महारत हासिल करना अनिवार्य है। हिंदी टाइपिंग (Mangal/Kruti) अंग्रेजी की तुलना में थोड़ी कठिन मानी जाती है क्योंकि इसमें शिफ्ट की और विशेष कोड्स का उपयोग होता है। अंग्रेजी में अच्छी पकड़ बनाने के बाद हिंदी सीखना तुलनात्मक रूप से सरल हो जाता है।
टाइपिंग सीखना किसी वाद्ययंत्र को बजाने जैसा है, जहाँ निरंतरता सबसे बड़ा परिणाम देती है। सप्ताह में एक दिन चार घंटे अभ्यास करने के बजाय प्रतिदिन मात्र 20 से 30 मिनट का केंद्रित अभ्यास करना कहीं अधिक प्रभावी है। छोटे और नियमित सत्र आपके मस्तिष्क को बटनों की स्थिति बेहतर तरीके से याद रखने में मदद करते हैं।